अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की ओर से अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने के प्रयासों का स्वागत किया है। वहीं, अमेरिका ने भारत को प्रमुख ड्रग ट्रांजिट या अवैध ड्रग उत्पादन वाले देशों की सूची में शामिल किया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की ओर से अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने के प्रयासों का स्वागत किया है। वहीं, अमेरिका ने भारत को प्रमुख ड्रग ट्रांजिट या अवैध ड्रग उत्पादन वाले देशों की सूची में शामिल किया है।
ट्रंप ने कहा कि वह अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने और सप्लाई चेन की विश्वसनीयता मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रयासों का स्वागत करते हैं। उन्होंने अमेरिका-भारत ड्रग पॉलिसी फ्रेमवर्क के जरिए आगे भी सहयोग की उम्मीद जताई।
अमेरिका की सूची में भारत के साथ पाकिस्तान और चीन भी
अमेरिका की इस सूची में भारत के साथ पाकिस्तान और चीन का नाम भी शामिल है। कुल 23 देशों को प्रमुख ड्रग ट्रांजिट या प्रमुख अवैध ड्रग उत्पादन वाले देशों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। इनमें अफगानिस्तान, बहामास, बेलीज, बोलीविया, बर्मा, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन रिपब्लिक, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरस, जमैका, लाओस, मैक्सिको, निकारागुआ, पनामा, पेरू और वेनेजुएला भी शामिल हैं।
लिस्ट में नाम होने का क्या मतलब है?
अमेरिका के अनुसार, किसी देश का इस सूची में शामिल होना अपने आप में यह नहीं दर्शाता कि वहां की सरकार ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है। इस तरह की सूची में देशों को शामिल करने के पीछे भौगोलिक, व्यावसायिक और आर्थिक परिस्थितियां भी कारण हो सकती हैं, जिनकी वजह से ड्रग्स या उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स का उत्पादन या ट्रांजिट संभव होता है।
इसका मतलब यह भी हो सकता है कि संबंधित सरकार ड्रग्स और नारकोटिक्स पर नियंत्रण तथा कानून लागू करने के लिए कड़े कदम उठा रही हो।
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Surya Prabhakar
समाचार संपादक
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